रतलाम : – आज के युग में गो सेवा हो या अन्य कोई भी सेवा हो सेवा का नाम लेने से कई लोग आज भी घबराते है क्युकी कही ऐसा ना हो की सब जिम्मेदारी स्वयं पर आ जाए और जेब ढीली करना पड़ जाए , किंतु बीबडोद रोड स्थित खेतलपुर की गो शाला में कार्य करने वाले सेवादार दो महिला और दो पुरुष ऐसे है जिनका कार्य एक सेवा के रुप में तो है किंतु उनकी सेवा को अगर परखा जाए और समझा जाए तो उनकी सेवा के जज्बे को आप भी सलाम कर देंगे । गोरतलब है की जन्म से ही किसी बच्चे की देख भाल और उसकी हर समय व्यवस्था की जिम्मेदारी अच्छे अच्छे व्यक्ति को भारी पड़ जाती हैं ठीक उसी प्रकार इस गो शाला में छगन और तेजु नामक व्यक्ति और अन्य दो महिला की सेवा एक अनोखी सेवा व्यथित की जाती है ।




जब एक बूढ़ी गो माता ने दिया एक बछड़े को जन्म : – जब गोशाला में स्थित एक बूढ़ी गो माता ने अपने बछड़े को जन्म दिया तो वह अपनी यथा स्थिती के अनुसार अपने बछड़े को स्तनपान कराने में असमर्थ हो गई जिससे बछड़े की स्थिती को देख गो शाला के सेवक तेजु और छगन ने बछड़े की देख रेख ओर सेवा की यह ज़िम्मेदारी संभाल ली और नन्हे बछड़े को अन्य गाय का दुध बोतल में भर कर पिलाने लगे जिससे बछड़े की स्थिती में सुधार होना पाया गया और वह अब चुस्त दुरुस्त हो गया ।
नन्हा बछड़ा तेजु और छगन को देख आता है दौड़ा दौड़ा ; – जब तेजु और छगन बछड़े को दुध पिलाने के लिए उसके पास जाते है तो नन्हा बछड़ा उन्हें देख दौड़ा दौड़ा आता है और उनके सामने आकर खड़ा हो जाता है ।गो शाला के अन्य गाय और बैल की भी रहती है ज़िम्मेदारी गो शाला के यह सेवादार नन्हे बछड़े की सेवा के साथ अन्य गाय बैल का भी ध्यान रखते है और सेवा करते है
